लघु उद्योग मे आने वाले प्रोडक्ट्स की लिस्ट व पूरी  जानकारी

लघु उद्योग मे आने वाले प्रोडक्ट्स की लिस्ट व पूरी जानकारी

Laghu Udyog

लघु उद्योग एक ऐसा उद्योग है जिसमें लागत एवं श्रम शक्ति की मात्रा कम होती है। लघु उद्योग को इंग्लिश में स्माल स्केल इंडस्ट्री (Small Scale Industry) भी कहते हैं। देश की संपूर्ण औद्योगिक अर्थव्यवस्था में लघु उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। यह अनुमान लगाया जाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था के निर्माण दृष्टि से 39% व कुल निर्यात(export) में 33% का योगदान लघु उद्योग करते हैं। लघु उद्योग, बड़े पैमाने पर काम करने वाले उद्योगों से पूंजी की मात्रा, रोजगार उत्पादन एवं प्रबंध आगतों एवं निर्गतों के प्रवाह इत्यादि से भिन्न होते हैं। मुख्यतः उद्योगों को इनमें लगाई जाने वाली राशि से वर्गीकृत किया जाता है। आइये सबसे पहले विस्तार से जानते हैं लघु उद्योग क्या हैं व किस प्रकार से इनका विभाजन किया जाता है?

लघु उद्योग क्या हैं? (What is Laghu Udyog in Hindi)

कोई भी उद्योग को उसके काम के हिसाब से सर्विस या मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विभाजित किया जा सकता है। सर्विस सेक्टर (service sector) वह होता है जिसमे कंपनी का प्रोडक्ट एक सेवा (serivice) होती है जैसे इन्सुरेंस, कंसल्टिंग, एकाउंटिंग आदि। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (manufacturing sector)वह होता है जिसमे आप कोई वस्तु बेचते हैं जैसे कार, कंप्यूटर, फ़ोन आदि। कोई भी उद्योग को लघु कहने के लिए पहले ये जानना जरुरी है की वह किस इंडस्ट्री में काम करता है। यदि वह सर्विस देता है तो निर्माण या शुरुआत के हिसाब से लघु उद्योग वह है जहाँ उद्योग में निवेश दस लाख रुपये से अधिक लेकिन दो करोड़ रुपये से कम होता है। यदि वह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में है तो यही कम से कम निवेश 25 लाख व ज़्यादा से ज़्यादा 5 करोड़ हो सकता है।

कुल निवेश
प्रकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) सर्विस सेक्टर (Service Sector)
सूक्ष्म उद्योग25 लाख तक10 लाख तक
लघु उद्योगकम से कम 25 लाख, ज़्यादा से ज़्यादा 5 करोड़कम से कम 10 लाख, ज़्यादा से ज़्यादा 2 करोड़
मध्यम उद्योगकम से कम 5 करोड़, ज़्यादा से ज़्यादा 10 करोड़कम से कम 2 करोड़, ज़्यादा से ज़्यादा 5 करोड़

लघु उद्योग की लिस्ट (Laghu Udyog List in Hindi)

लघु उद्योग के अंदर कोई भी काम/बिज़नेस जिनकी शुरुआती लागत 10 लाख से ज्यादा व एक करोड़ से काम होती है वह आते हैं। ऐसे ही कुछ उद्योगों की लिस्ट नीचे दी गयी है।

  • घर में इस्तेमाल किया जाने वाला कूलर बनाना
  • एल्यूमीनियम से बने हुए सामग्री बनाना
  • हॉस्पिटल में उपयोग किए जाने वाला स्ट्रेचर बनाना
  • करंट मापने वाला पर मीटर या वोल्ट मीटर बनाना
  • गाड़ी में लगने वाली हेडलाइट बनाना
  • कपड़े या चमडे का बैग बनाना
  • कांटेदार तार बनाना
  • टोकरी बनाना
  • चमड़े का बेल्ट जूता या चप्पल बनाना
  •  स्याही  वाला पेपर बनाना
  • जूते साफ करने की पॉलिश बनाना
  • कपड़े रखने का बक्सा यह अटैची बनाना
  • प्लेट व कटोरी बनाना
  • झाड़ू बनाना

ये सभी कार्य जो हम आसानी से और कम लागत में कर सकते हैं। इसी प्रकार से यदि आप कोई भी काम शुरू करते हैं जिसकी लागत 10 लाख से ज्यादा है तो वह लघु उद्योग कहलायेगा यदि 10 लाख से कम लागत है तो वह सूक्ष्म उद्योग (Micro Industry) कहलायेगा।

लघु उद्योग लोन (Laghu Udyog Loan)

क्योंकि लघु उद्योग में 10 लाख से ज्यादा की लागत आती है, हमें बहुत बार काम शुरू करने के लिए लोन की आवश्यकता की हो सकती है। लघु उद्योग लोन लेने के लिए हमें निम्न प्रकार की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।

  1. सबसे पहले तो हमारा किसी भी बैंक में खाता खुला हुआ होना चाहिए।
  2. हमें बैंक से लोन लेने के लिए ऐसा बिजनेस शुरू करना होगा जो हमारे साथ साथ और भी लोगों या हमारी सरकार के लिए भी उपयोगी हो।
  3. हमें अपने लघु उद्योग की शुरुआत करने का एक बहुत महत्वपूर्ण कारण(reason) देना होगा।
  4. फिर हमें यह निर्णय लेना होगा कि हम किस योजना के अनुसार अपना लोन लें क्योंकि सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलाई गई हैं लोन लेने के लिए। इनमे से कुछ योजना इस प्रकार से हैं।
  5. और फिर हमें यह भी देखना होगा कि किस योजना के तहत हमें कम ब्याज दर पर लोन मिल रहा है और साथ ही किस योजना के तहत में आगे भविष्य में भी फायदा होगा।
  6. फिर हमें जिस बैंक से लोन लेना उस बैंक की लोन लेने की पूरी प्रक्रिया को जानेंगे और हम उस बैंक के लोन लेने के फार्म को भरेंगे तथा उसे संबंधित जो भी कागजात मांगे वो हम साथ में देंगे।
  7. जो भी बिजनेस या व्यापार आप शुरू करेंगे उसके मुनाफे या नुकसान के बारे में बैंक आपसे पूरी जानकारी लेगा। जिससे वो ये सुनिश्चित कर लेगा कि जो पैसा बैंक आपको दे रहा है वह आपके व्यवसाय से वापस आ सकता है या नहीं।
  8. लोन लेते समय आपके पास आपका पहचान पत्र जैसे वोटर आई डी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट में किसी एक का भी होना जरूरी है।
  9. आप SC/ST/OBC/General किस जाति के हो उसका भी परिमाण देना होगा।
  10. इसके साथ पिछले दो साल से तीन साल का आपका पूरा बैलेंस शीट जैसे कि इनकम टैक्स तथा बिजली का बिल आदि सभी जुड़े हुए होने चाहिए। इसके अलावा और कई सारे डॉक्युमेंट बैंक आपसे लोन देते समय मांग सकता है।

लघु उद्योग की मशीन

Laghu Udyog Machine

लघु उद्योग मशीन जैसे अगरबत्ती बनाने की मशीन, फाइबर, प्लास्टिक की थाली तथा कटोरी या चम्मच बनाने की मशीन, चमड़े का सामान जैसे बेल्ट, जूता, चप्पल, बैग आदि बनाने की मशीन कपड़े बनाने की मशीन, सिलाई मशीन, कागज़ का सामान बनाने की मशीन, ये सभी प्रकार की मशीनें लघु उद्योग की मशीन के अंतर्गत आती हैं।

कुटीर उद्योग की लिस्ट (हिंदी में)

कुटीर उद्योग एक ऐसा उद्योग होता है जिसको व्यक्ति अपने घर पर ही कर सकता है। यह काम किसी कारखाने में नहीं होते। इसमें व्यक्ति अपने घर वालों की मदद तथा और भी कई कुशल कारीगरों की मदद से काम कर सकता है। कुटीर उद्योग में कई काम आते हैं जिनमे से कुछ इस प्रकार हैं।

  1. मुर्गी पालन का उद्योग – हम अपने घरों में मुर्गी पालन का उपयोग करके एक छोटे स्तर पर अच्छा व्यवसाय कर सकते हैं और फिर हम अपने इस व्यवसाय को बढ़ाकर एक बड़ा सब पॉलिटी फॉर्म खोल सकते हैं। जिससे हमारी अच्छी खासी कमाई हो सकती है।
  2. गाय भैंस और बकरी का पालन – हम अपने घरों में गाय, भेड़, बकरी को भी पाल सकते हैं तथा उसके दूध को बेचकर हम एक अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको अच्छी नस्ल के पशु तथा उनके लिए अच्छी और प्राप्त मात्रा में पशु आहार भी रखना होगा तथा हम गाय के गोबर को अपने खेतों में डाल सकते हैं जो हमारे खेत में उगने वाले फसलों के लिए खाद का काम करता है।
  3. साबुन बनाने का उद्योग – साबुन का उपयोग हम नहाने, कपड़ा धुलने,  बर्तन धोने आदि कामों में करते हैं तथा इसका उपयोग हर घरों में किया जाता है।
  4. पापड़ बनाने का उद्योग – पापड़ का उपयोग हम अक्सर खाना खाते समय करते हैं। किसी भी पार्टी फंक्शन या किसी को जब हम अपने घर दावत यानि खाने पर बुलाते हैं तो हम उसे पापड़ जरूर देते हैं। तथा इसका उपयोग सभी घरों में किया जाता है। पापड़ कई प्रकार के होते हैं। तथा कई महिलाएं अपने घरों में ही पापड़ बनाकर बेचती है। और इसका एक अच्छा सा व्यवसाय भी शुरू कर लेती हैं।
  1. फर्नीचर बनाने का उद्योग – सभी घरों में फर्नीचर का सामान जैसे बेड कुर्सी सोफा अलमारी खिड़की दरवाजे आदि का उपयोग किया जाता है। जिसमें बढ़ई अपने हाथों की कला को दिखा कर लकड़ी का उपयोग करके उसमें अच्छा डिजाइन बना कर एक अच्छा सा फर्नीचर बनाता है। जिससे उसकी अच्छी खासी कमाई हो जाती है।
  2. टिफिन बनाने का उद्योग – हम सभी जानते हैं कि आजकल कई छात्र पढ़ाई करने के लिए अपने घरों से दूर जाकर बाहर रहते हैं। और अपनी पढ़ाई करते हैं। जिसमें कई छात्रों को खाना बनाने में प्रॉब्लम होती है। तो वह अपने लिए मेज या टिफिन की व्यवस्था करते हैं। जिसमें उसमें उसको समय पर खाना मिल जाता है। तथा इस व्यवसाय को शुरू करके महिला अपनी अच्छी खासी कमाई कर लेती हैं।
  3. मसाला बनाने का उद्योग –  मसाला का उपयोग हम अपने खाने को स्वादिष्ट और चटपटा बनाने के लिए करते हैं। इसलिए इसकी जरूरत हर घर में होती है। तथा कई लोग मसाला बनाने की सामग्री को खरीद कर जैसे कि जीरा, मरीज, हल्दी, धनिया इत्यादि सामग्री खरीदते हैं। तथा उसको पीस कर बेचते हैं। जिससे उसकी अच्छी कमाई हो जाती है और वो मसाला बनाने का एक अच्छा व्यवसाय शुरू कर लेते हैं।
  4. मिट्टी के बर्तन बनाने का उद्योग – कुम्हार मिट्टी का उपयोग करके उससे बर्तन जैसे मटका दिया आदि बनाकर अपनी अच्छी कमाई करता है। तथा कई कारीगर ऐसे होते हैं जो मिट्टी का उपयोग करके उसे घर को सजाने का सामान मूर्ति आदि बनाकर अपना व्यवसाय शुरू कर लेते हैं।

ये सभी कुटीर उद्योग के अंतर्गत आते हैं। जिसमें व्यक्ति अपने घरवालों के साथ मिलकर कार्य कर सकता है और अपना व्यवसाय शुरू कर सकता है। कुटीर उद्योग में कुल लागत 10 लाख से कम होनी चाहिए कुटीर और लघु उद्योग में यही अंतर होते हैं।

जर्मन कुटीर उद्योग

ग्रामीण क्षेत्रों में की जाने वाली कुटीर उद्योग को जर्मन कुटीर उद्योग कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं।

  1. कृषि सहायक कुटीर उद्योग- कृषि सहायक कुटीर उद्योग में कृषि संबंधी उत्पाद जैसे यूरिया खाद अनाज आते ही अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा इनमें टोकरी बनाना, सूट काटना, बीड़ी बनाना आदि उद्योग भी शामिल होते हैं।
  2. अन्य कुटीर उद्योग- अन्य कुटीर उद्योग के अंतर्गत वे उद्योग शामिल होते हैं जो कारीगरों की जीविका पर आधारित होते हैं। जैसे बर्तन बनाना, चारपाई पुराना, सोनार का काम करना आदि हैं।

अगर आपको कोई और जानकारी चाहिए तो आप हमें नीचे कमेंट में बताएं, हम जल्द से जल्द आपका जवाब देंगे।

Leave a Comment